शनिवार, 18 सितंबर 2021

कल फिल्म अभिनेता सोनू सूद के घर में आयकर विभाग ने छापा मारा

 मतलब जनता की सेवा कोई नहीं करें 



कल फिल्म अभिनेता सोनू सूद के घर में आयकर विभाग ने छापा मारा


, आयकर विभाग ने सवाल किया कि आपने जो लोक डॉन के समय में कितने मजदूरों की मदद किया है, अभी भी सभी लोगों के बीच जाकर उनकी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। आपके पास इतना रुपए कहां से आ गया ? 


मतलब हमारे देश में गरीबों की सेवा करना भी अब गुनाह है , सरकार चाहती है कि कोई भी गरीबों को मदद ना करें क्योंकि अगर वह गरीबों का मसीहा बन जाएगा तो वह कभी चुनाव भी लड़ सकता है। इसलिए वह प्रत्येक हस्ती को मिटाना चाहती है जो जनता की सेवा निस्वार्थ भावना से करते हैं। 

लोक डाउन के समय जो पूरा विश्व घाटे में चल रहा था , तो अंबानी का व्यापार 22% मुनाफा कैसे हासिल कर ली, क्या प्रधानमंत्री इसकी जांच करवा सकते हैं। लेकिन जो हमेशा जनता की सेवा किए हैं , और आगे भी हर एक प्रकार की मदद कर रहे हैं । Aise

महान व्यक्ति पर इनकम टैक्स का छापा मारकर उसे डरा रहे हैं।

सोनू सूद से इतना नफरत क्यों ??

 सोनू सूद से इतना नफरत क्यों ??


 


लोक डाउन के समय जब अक्षय कुमार ने 20 करोड़ का चंदा दिए थे। तब प्रधानमंत्री लाइव आकर उनको धन्यवाद बोले थे। 

लेकिन सोनू सूद ने 10  लाख से भी ज्यादा मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया वह भी अपने खर्चे पर , उन मजदूरों को रोजगार भी उपलब्ध करवाया अभी भी हर जरूरतमंद की प्रत्येक समस्या का समाधान कर रही है। 

भारत सरकार को तो इस का शुक्रिया अदा करनी चाहिए  क्योंकि जो काम सरकार को करना चाहिए वह सोनू शुद्ध कर रहा है। 


लेकिन भारत सरकार इनकी शुक्रिया अदा करने के बजाय इन पर इनकम टैक्स का छापा लगवा रहे हैं। यह दर्शाती है कि सरकार वह प्रत्येक इंसान को खत्म करना चाहती है जो इंसान जनता की सेवा कर रहा है।

विरोधी पार्टी वाले सब कहते हैं कि मोदी जी ने क्या किया ,

 विरोधी पार्टी वाले सब कहते हैं कि मोदी जी ने क्या किया , आज ये अवश्य पढ़े, पूरा अवश्य पढ़ें , सत्य को सत्य ही कहूँगा असत्य नहीं,,,एक भी लिखित टिपणी झूठी हो तो आप मुझे प्रत्युत्तर दे सकते हैं,,, 


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*पहली उपलब्धि*,,,200 साल तक हमारे देश को गुलाम बनाने वाले ब्रिटेन में 53 देशों की मीटिंग में मोदीजी महा अध्यक्ष बने,,,इसी बात से हर एक भातीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाना चाहिए,,,


*दूसरी उपलब्धि*,,,,,UN मानवाधिकार परिषद में भारत की बड़ी जीत हुई है,,,सबसे ज्यादा वोटों के साथ बना सदस्य,, 97 वोटों की आवश्यकता थी मिले 188 वोट,,,, अब भी भारत की जनता पूछेगी की मोदी विदेश क्यूँ जाते हैं,,,,


*तीसरी उपलब्धि*,,,,दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी,,, भारत आया नम्बर चार पर हमसे आगे अमेरिका, रूस और चीन है,,,ये है मोदी युग,,,


*चौथी उपलब्धि*,,,,1 लाख करोड़ के पार पहुँचा GST का मासिक टैक्स कलेक्शन,,,,, ये है एक चाय वाले का अर्थशास्त्र,,,


*पाँचवी उपलब्धि*,,,,नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर,,,,


*छठी उपलब्धि*,,,,,2017-18 में दोगुना हुआ सौर ऊर्जा का उत्पादन,,,,

चीन और अमेरिका भी दंग है,,, 


*सातवीं उपलब्धि*,,,,

भारत की आसमान छू रही GDP को देखकर,,,

भारत की GDP 8.2%, चीन की 6.7% और अमेरिका की 4.2%। अब भी कहेंगे भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,


*आठवीं उपलब्धि*,,,, जल थल ओर आकाश तीनों क्षेत्रों से सुपरसोनिक मिसाइल दागने वाला दुनियाँ का पहला देश बना भारत,,, ये है मोदी युग,,,अगर आपको गर्व हुआ हो तो जयहिन्द लिखना न भूलें,,,,


*नवीं उपलब्धि*,,,,,70 सालों में पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान कंगाल हो गया,,, दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया भारतीय नकली नोटों का व्यापार था,,,, जिसे मोदी जी ने खत्म कर दिया,,,


*दसवीं उपलब्धि* को भी पढ़ें,,,,,, एक बात समझ में नहीं आयी,,,

2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ.के. एंटोनी ने कहा था देश कंगाल है हम राफेल तो क्या छोटा जेट भी नहीं ले सकते,,,,पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया,,

राफेल डील भी करली,, S-400 भी ले रहे हैं!

आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था,,,?


*ग्याहरवीं उपलब्धि*,,,, सेना को मिला बुलेटप्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच,,,

जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2500 बुलेटप्रूफ स्कार्पियो,,,


*बाहरवीं उपलब्धि*,,,,, अब आपको बताता हूँ भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ,,,

अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल नम्बर 6 बना,,,


*तेहरवीं उपलब्धि*,,,,, ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना,,,


*चौदहवीं उपलब्धि*,,,,,,, बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना,,,


*पन्द्रहवीं उपलब्धि*,,,,, टेक्सटाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*सोलहवीं उपलब्धि*,,,,, मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*सतरहवीं उपलब्धि*,,,,, स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*अठारहवीं उपलब्धि*,,,,, चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना,,,

19. Dhara 370 , 35 a khatam.

इसको कहते हैं मोदी युग

मोदी सरकार में घाटी से हो रहा है आतंकियों का सफाया,,,

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया,,,


कांग्रेस राज में आतंकी दहशत फैलाते थे

मोदी राज में सेना आतंकियों के लिए दहशत बनी हुई है,,,

ये है मोदी राज का फार्मूला,,,,


मोदी जी की बढ़ती हुई ख्याति से सारा विपक्ष बौखला गया है कि अब उनके भ्रष्टाचारी हथकंडे कामयाब नहीं हो सकते तब एक अभिमन्यु का वध करने के लिए सारे भ्रष्टाचारिता के महारथी एक होकर चक्रव्यूह की रचना कर रहे हैं 2024 में मोदी को हराने के लिए,,,लेकिन उन भ्रष्टाचारी महारथियों को यह नहीं मालूम कि द्वापर के अभिमन्यु की चक्रव्यूह भेदन की शिक्षा माँ के गर्भ में ली गयी थी और वो भी केवल घुसने की बाहर निकलने की नहीं, लेकिन इस मोदी रूपी अभिमन्यु ने चक्रव्यूह के भेदन व उसे चकनाचूर करने की शिक्षा माँ के गर्भ से बाहर आकर इस माँ भारती से ली है जो अजेय है पराजेय नहीं है,,,,


आइए आज हम सब मिलकर एक संकल्प ले कि इस माँ भारती के पुजारी को 2024 में इतने भारी बहुमत से विजयी बनावें की वह आंकड़ा गिनीज बुक में दर्ज होकर रह जावे जिस आंकड़े को कोई छू भी न सके,,,,,


नमो नमो का उदघोष करते हुए 2024 में मोदी जी को वापस भारत का शहंशाह बनाएं।


धन्यवाद।

शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान

 अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान 



इतिहास के पन्नों को आप जितनी बार पलट के देखेंगे हर बार आप को अमेरिका के दोहरी नीति के कई एग्जांपल देखने को मिल जाएंगे । एक और अमेरिका ने 2002 ईस्वी में एक बिल पारित कर अफ़ग़ानिस्तान सरकार को यह  भरोसा दिलाया था  आप की सर जमीन पर अमेरिका कभी भी तालिबान को पुनः आने नहीं देंगे 

इसके ठीक 19 वर्ष बाद अमेरिका अपने वादे से मुकर गया है, जिसका नुकसान लोगों को हो रही है। अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के बाद ही तालिबान वहां पर लोगों के साथ काफी जुल्म बरत रहे हैं , वहां के स्थानीय और विदेशी सभी लोग भयभीत होकर अफगानिस्तान छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। अमेरिका के सैनिक वापसी के फैसले ने हंसते खेलते अफगानिस्तान को युद्ध का मैदान बना कर छोड़ दिया है । वहां के राष्ट्रपति भी अपनी जान बचाकर भाग गए हैं। यह सुनकर बड़ा  Ajeeb लगता है कि   जिस राष्ट्रपति को लोगों ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए चुना था वहीं राष्ट्रपति युद्ध के मैदान में लोगों को छोड़कर गायब हो गए हैं। ऐसे में वैश्विक एकजुट होकर अफगानिस्तान में तालिबान की समस्या का समाधान ढूंढ नी चाहिए जिससे वैश्विक शांति स्थापित हो सके। 


## सूरज कुमार गुप्ता # युवा लेखक#

पटना एयरपोर्ट भी अब निजी हाथों में जायेगा, पैसेंजर ट्रेन के अलावे 7 सड़कें भी प्राइवेट सेक्टर को*

 *पटना एयरपोर्ट भी अब निजी हाथों में जायेगा, पैसेंजर ट्रेन के अलावे 7 सड़कें भी प्राइवेट सेक्टर को*



प्राइवेटाइजेशन के लिए कदम बढ़ा रही मोदी सरकार ने बिहार को लेकर अब बड़ा फैसला किया है। बिहार में कई सड़कों को अब निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई है। बड़ी खबर यह है कि पटना एयरपोर्ट का संचालन भी अब निजी हाथों में होगा। इसके अलावा पटना से प्राइवेट पैसेंजर ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने कुल 13 तरह की सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचने या फिर उसे लीज पर देने का फैसला किया है।


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की लॉन्चिंग के साथ इसकी घोषणा की है। सरकार ने तय किया है कि सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचकर या संपत्ति को लीज पर देकर कुल छह लाख करोड़ जुटाए जाएं। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इसका पूरा खाका पेश किया है। इस योजना को 2025 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। पटना एयरपोर्ट को साल 2023 में निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। वहीं पटना जंक्शन से प्राइवेट ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। बिहार के 7 सड़कों का संचालन भी निजी हाथों में देने की तैयारी है। बिहार की जिन 7 सड़कों को निजी हाथों में दिया जाएगा उनमें हाजीपुर-मुजफ्फरपुर, पूर्णिया-दालकोला, कोटवा-मेहसी-मुजफ्फरपुर, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा, बाराचट्टी-गोरहर और मोकामा-मुंगेर की सड़क के शामिल है। 


केंद्र सरकार पटना एयरपोर्ट को जब लीज पर देगी तो उसे 1000 करोड़ की राशि मिलेगी। केंद्र सरकार ने देश के कुल 25 एयरपोर्ट को निजी हाथों में देने का फैसला किया है। इनमें से 6 एयरपोर्ट इसी साल निजी हाथ में चले जाएंगे जबकि 6 एयरपोर्ट अगले वित्तीय वर्ष में। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि उसे हाईवे को निजी हाथों में सौंपने से सबसे ज्यादा पैसा मिलेगा। 27600 किलोमीटर सड़कें निजी ट्रैक्टर को दी जा रही हैं। इनमें उत्तर भारत की 29 सड़कें, दक्षिण भारत की 28, पूर्व की 22 और पश्चिम भारत की 25 सड़कें लीज पर देने का फैसला किया गया है।

बिहार का स्वास्थ्य बजट सबसे कम

 बिहार का स्वास्थ्य बजट सबसे कम 




यदि सभी राज्यों के स्वास्थ्य बजट की तुलना किया जाए तो बिहार 28 राज्यों में 27 वा स्थान पर आती है। बिहार के स्वास्थ्य बजट की स्थिति सिर्फ उड़ीसा से अच्छी है। 


स्वास्थ्य बजट की इतनी खराब स्थिति के कारण ही बिहार स्वास्थ्य मामलों में सबसे पिछड़ा राज्य हैं। यहां मेडिकल की अच्छी सुविधा नहीं है इसी कारण यहां के अधिकतर बड़े रोगों का इलाज दूसरे राज्यों में किया जाता है। सरकारी अस्पतालों की भी काफी लचर स्थिति है। सिर्फ बड़े-बड़े बिल्डिंग नाम के बन गए हैं, लेकिन सुविधा के मामले में बिहार अब भी बहुत पिछड़ा राज्य हैं। 


सरकार के तरफ से उदासीनता के कारण ही बिहार में प्राइवेट मेडिकल क्षेत्र बड़ी तेजी से  आगे बढ़ रही है । सरकारी अस्पतालों के लचर स्थिति होने के कारण ही बिहार में प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा मनमानी रेट वसूली जाती हैं। बिहार सरकार के लाख दावे होने के बावजूद भी बिहार के स्वास्थ्य स्थिति मैं कोई बदलाव नहीं आया है। 


बिहार सरकार अनावश्यक कामों में अंधाधुंध खर्च करती है यदि इन कामों से बचत करके बिहार के स्वास्थ्य प्रणाली पर खर्च करें तो बिहार के लोगों का स्वास्थ्य स्तर में काफी सुधार हो सकती है। 



@ जनता की आवाज @

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज ने दिखाया भारत सरकार को आईना

 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज ने दिखाया भारत सरकार को आईना 




कल भारत के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के एक पीठ ने  भारत सरकार के उन सभी रिपोर्ट एजेंसियों की पोल खोल दी , जिस रिपोर्ट एजेंसी के बदौलत भारत सरकार जनता के बीच में अपनी सरकार की मजबूत उपलब्धि का जिक्र करते थे। 

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज ने बताया 

भारत सरकार के जितने भी रिपोर्ट एजेंसी है सब के सब बनावटी रिपोर्ट तैयार करते हैं। तथा जनता को हमेशा गुमराह करते हैं । उस रिपोर्ट का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। वह रिपोर्ट इस प्रकार तैयार करते हैं की

जिससे वह पार्टी अपनी वाहवाही लूट सके 


लोकतंत्र में इस प्रकार का झूठा रिपोर्ट बहुत ही खतरनाक है। इसलिए भारतीय जनता कभी भी सरकार के आंकड़ों पर भरोसा ना करें 


क्या भारत सरकार के पास कोई ऐसा सबूत है जो सुप्रीम कोर्ट के मुख्य जज के इस बयान बाजी को पलट सके 

या उनकी सच में मिलीभगत साजिश हो सकती है। 


@ जनता की आवाज @

अब कौन सही है ?

 अब कौन सही है ?? 



भारत में इन दिनों प्रतिदिन सड़क निर्माण रिपोर्ट बहुत चर्चा का विषय बना हुआ है. नितिन गडकरी के अनुसार भारत में प्रतिदिन 13 किलोमीटर सड़क बन रही है, नरेंद्र मोदी यूपी चुनाव के दौरान कहते हैं भारत में प्रतिदिन रिकॉर्ड 14 किलोमीटर सड़क बन रहे हैं। रक्षा मंत्री का कहना है प्रतिदिन 16 किलोमीटर सड़क बन रही है। राष्ट्रीय सड़क परिवहन निगम के सरकारी डाटा एक अनुसार प्रतिदिन सड़क 11 किलोमीटर बन रही है। 


एक बड़ी समस्या है, इनमें से सही रिपोर्ट किसका है। जनता किसके बात को सही मानेगी 


इसी प्रकार की रिपोर्ट के कारण ही सुप्रीम कोर्ट  के मुख्य जज ने भारत के सभी जांच एजेंसी के रिपोर्ट को फर्जी बताया है। साथ ही लोगों से अपील किए हैं कि आप सरकारी आंकड़ों पर विश्वास ना करें बल्कि अपनी बुद्धिमता का प्रयोग करें 

इसके लिए बुद्धिमान वर्ग को आगे आना होगा । 


बड़ी कन्फ्यूजन के शिकार हो गई है सरकारी आंकड़े

अब मेट्रो के जरिए भी प्रचार प्रसार

 अब मेट्रो के जरिए भी प्रचार प्रसार 




भारत में सबसे पहली बार मेट्रो  1984 ईस्वी में कोलकाता से प्रारंभ हुई थी। उसके बाद हैदराबाद, Bengaluru

चेन्नई Mumbai , दिल्ली इत्यादि शहरों में इसका विस्तार हुआ। यह सभी विस्तार कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ 


लेकिन उन्होंने कभी भी मेट्रो का प्रयोग प्रचार में नहीं किए 


मोदी के कार्यकाल में एकमात्र मेट्रो का विस्तार हुआ लखनऊ शहर में 

वह पूरे मेट्रो पर  मोदी और योगी के पोस्टर लगे हैं। लग नहीं रहा है कि वह देश का मेट्रो है ऐसा लग रहा है किसी एक खास पार्टी का 


अगर विदेशी भी भारत आ जाए तो वह यही सोचेंगे यह  भारत का नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री का स्पेशल चल रहा है,  मेट्रो 


जनता के बीच में प्रचार प्रसार के लिए 

कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं। हर हाल में प्रचार होना चाहिए

वैश्विक महाशक्ति ने घुटने टेक दिए

 वैश्विक महाशक्ति ने घुटने टेक दिए



वैश्विक महाशक्ति अमेरिका ने तालिबान की आगे घुटने टेक कर जितने भी अमेरिकी सैनिक काबुल में थे सब को वापस बुला लिए 

एक वैश्विक महाशक्ति द्वारा उठाया गया इस प्रकार का कदम अभी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्व के अधिकांश देश सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।  अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन की भी आलोचना की जा रही है। आलोचना होगी भी क्यों नहीं क्योंकि लोगों को उम्मीद थी कि वैश्विक महाशक्ति द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान समस्या का समाधान किया जाएगा लेकिन वे अफगानिस्तान को संकट में छोड़कर पीठ दिखा कर भाग रहे हैं।

अब योजनाओं के मालिक हुए सरपंच

 अब योजनाओं के मालिक हुए सरपंच 




बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार पंचायती राज व्यवस्था में बदलाव का संकेत दिए हैं। नीतीश कुमार के अनुसार बिहार में अब मुखिया को कोई भी योजना नहीं दिया जाएगा बल्कि योजना का संचालन अब सरपंच करेंगे 


बिहार सरकार द्वारा जो भी ग्रामीण विकास के लिए योजनाएं चलाई जाएंगे उन सभी योजनाओं का संचालन अब मुखिया के स्थान पर सरपंच करेंगे  


सरपंच अपनी निगरानी में उन सभी योजनाओं को पूरा कर आएंगे 

नीतीश कुमार की यह ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है ।

मोतिहारी के लोगों से कब चाय पिएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 मोतिहारी के लोगों से कब चाय पिएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 




मोतिहारी में पिछले 22 वर्षों से चीनी के मील बंद पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोतिहारी को संबोधन किए थे। 


वहां बोले थे कि हमारी सरकार बनती है तो मोतिहारी का चीनी मिल तुरंत चालू कराया जाएगा । और मैं सरकार बनने के तुरंत बाद यहां आऊंगा यहां के फैक्ट्री से बना हुआ चीनी का चाय पीने 


घोषणा के हो गए हैं 7 साल मोतिहारी के लोगों का तो पता नहीं लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं। लेकिन अब तक प्रधानमंत्री को यह बात याद नहीं आई कि हमने वहां वादा किए थे कि चीनी मिल का निर्माण मात्र 1 साल में प्रारंभ की जाएगी 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सोचना चाहिए कि बिहार एक अति पिछड़ा राज्य है यहां जो जो फैक्ट्री पहले से बंद है कम से कम उसे तो प्रारंभ कर दिया जाए ताकि यहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो पाएगी और बिहार का भी विकास हो पाएगा 


विकास की बात तो छोड़िए यहां तो अपनी वादा करके भी मुकर गए हैं।

बुधवार, 1 सितंबर 2021

इतिहास हम अपने अंदाज से लिखेंगे

 इतिहास हम अपने तरीके से लिखेंगे 



भारत में इन दिनों इतिहास के साथ इतना छेड़छाड़ चल रही है। जिसका जितना भी निंदा किया जाए सब कम हैं। बड़े-बड़े शहरों और चौक चौराहे के नाम बदलने के बाद अब ऐतिहासिक घटना का भी नाम बदला जा रहा है। 

जैसे 

 काकोरी रेल कांड को काकोरी रेल स्वतंत्र संग्राम, चोरा चोरी कांड को 

चोरा चोरी स्वतंत्र संग्राम। British 

उपनिवेश को , ब्रिटिश कब्जावली 


इत्यादि कई ऐसे ऐतिहासिक नामों के साथ छेड़छाड़ किए जा रहे हैं। पूरा विश्व जिस नाम से जान रहे हैं । उस नाम को अब बदला जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल 

आखिर ऐतिहासिक घटना नाम बदलने की क्या आवश्यकता है ?  बार-बार नाम बदलने से स्वतंत्रा सेनानियों का अपमान है जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर देश को आजाद कर आए थे आज वही देश में इन स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों का नाम बदलकर उसे अपमान किया जा रहा है।


क्योंकि भारतीय नेता अब यह कहते हैं  तुम कुछ भी काम किए हो हमें उससे लेना देना नहीं है हम अपनी तरह से इतिहास को लिखेंगे 


लंबे समय से जो बच्चे पढ़ते आ रहे हैं वह सारी इतिहास गलत है आज के बाद हमारी तरह से इतिहास पढ़ाई जाएगी 


 भारतीय इतिहास के बारे में जो वैश्विक जानकारी है उसे भी हम गलत साबित कर रहे हैं क्योंकि हम अपनी तरीके से इतिहास को लिखेंगे.

Comadi