शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान

 अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान 



इतिहास के पन्नों को आप जितनी बार पलट के देखेंगे हर बार आप को अमेरिका के दोहरी नीति के कई एग्जांपल देखने को मिल जाएंगे । एक और अमेरिका ने 2002 ईस्वी में एक बिल पारित कर अफ़ग़ानिस्तान सरकार को यह  भरोसा दिलाया था  आप की सर जमीन पर अमेरिका कभी भी तालिबान को पुनः आने नहीं देंगे 

इसके ठीक 19 वर्ष बाद अमेरिका अपने वादे से मुकर गया है, जिसका नुकसान लोगों को हो रही है। अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के बाद ही तालिबान वहां पर लोगों के साथ काफी जुल्म बरत रहे हैं , वहां के स्थानीय और विदेशी सभी लोग भयभीत होकर अफगानिस्तान छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। अमेरिका के सैनिक वापसी के फैसले ने हंसते खेलते अफगानिस्तान को युद्ध का मैदान बना कर छोड़ दिया है । वहां के राष्ट्रपति भी अपनी जान बचाकर भाग गए हैं। यह सुनकर बड़ा  Ajeeb लगता है कि   जिस राष्ट्रपति को लोगों ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए चुना था वहीं राष्ट्रपति युद्ध के मैदान में लोगों को छोड़कर गायब हो गए हैं। ऐसे में वैश्विक एकजुट होकर अफगानिस्तान में तालिबान की समस्या का समाधान ढूंढ नी चाहिए जिससे वैश्विक शांति स्थापित हो सके। 


## सूरज कुमार गुप्ता # युवा लेखक#

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