अब मेट्रो के जरिए भी प्रचार प्रसार
भारत में सबसे पहली बार मेट्रो 1984 ईस्वी में कोलकाता से प्रारंभ हुई थी। उसके बाद हैदराबाद, Bengaluru
चेन्नई Mumbai , दिल्ली इत्यादि शहरों में इसका विस्तार हुआ। यह सभी विस्तार कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ
लेकिन उन्होंने कभी भी मेट्रो का प्रयोग प्रचार में नहीं किए
मोदी के कार्यकाल में एकमात्र मेट्रो का विस्तार हुआ लखनऊ शहर में
वह पूरे मेट्रो पर मोदी और योगी के पोस्टर लगे हैं। लग नहीं रहा है कि वह देश का मेट्रो है ऐसा लग रहा है किसी एक खास पार्टी का
अगर विदेशी भी भारत आ जाए तो वह यही सोचेंगे यह भारत का नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री का स्पेशल चल रहा है, मेट्रो
जनता के बीच में प्रचार प्रसार के लिए
कोई भी कसर नहीं छोड़ते हैं। हर हाल में प्रचार होना चाहिए

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें