इतिहास हम अपने तरीके से लिखेंगे
भारत में इन दिनों इतिहास के साथ इतना छेड़छाड़ चल रही है। जिसका जितना भी निंदा किया जाए सब कम हैं। बड़े-बड़े शहरों और चौक चौराहे के नाम बदलने के बाद अब ऐतिहासिक घटना का भी नाम बदला जा रहा है।
जैसे
काकोरी रेल कांड को काकोरी रेल स्वतंत्र संग्राम, चोरा चोरी कांड को
चोरा चोरी स्वतंत्र संग्राम। British
उपनिवेश को , ब्रिटिश कब्जावली
इत्यादि कई ऐसे ऐतिहासिक नामों के साथ छेड़छाड़ किए जा रहे हैं। पूरा विश्व जिस नाम से जान रहे हैं । उस नाम को अब बदला जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल
आखिर ऐतिहासिक घटना नाम बदलने की क्या आवश्यकता है ? बार-बार नाम बदलने से स्वतंत्रा सेनानियों का अपमान है जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर देश को आजाद कर आए थे आज वही देश में इन स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों का नाम बदलकर उसे अपमान किया जा रहा है।
क्योंकि भारतीय नेता अब यह कहते हैं तुम कुछ भी काम किए हो हमें उससे लेना देना नहीं है हम अपनी तरह से इतिहास को लिखेंगे
लंबे समय से जो बच्चे पढ़ते आ रहे हैं वह सारी इतिहास गलत है आज के बाद हमारी तरह से इतिहास पढ़ाई जाएगी
भारतीय इतिहास के बारे में जो वैश्विक जानकारी है उसे भी हम गलत साबित कर रहे हैं क्योंकि हम अपनी तरीके से इतिहास को लिखेंगे.

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