बुधवार, 21 जून 2023

How make the affiliate marketing

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Affiliate Marketing Guide



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How make the affiliate marketing



Affiliate marketing is a popular method of earning money online by promoting products or services and earning a commission for each sale or lead generated through your unique affiliate links. Here's a step-by-step guide on how to get started with affiliate marketing:



Choose a niche: Select a specific topic or industry that you're interested in and knowledgeable about. This will make it easier for you to create content and target the right audience.


Research affiliate programs: Look for affiliate programs that align with your chosen niche. Many companies, both large and small, offer affiliate programs. Some popular affiliate networks include Amazon Associates, ClickBank, ShareASale, and Commission Junction.


Join affiliate programs: Once you find suitable affiliate programs, sign up for them. You may need to provide some information about your website or promotional methods to get approved.


Build a platform: Create a platform where you can promote the affiliate products. This could be a website, blog, YouTube channel, social media profiles, or a combination of these. Ensure your platform provides value to your audience and offers relevant content related to your niche.


Create quality content: Develop high-quality content that educates, entertains, or solves problems for your target audience. This content can take the form of blog posts, videos, product reviews, tutorials, or any other format that suits your platform.


Insert affiliate links: Within your content, strategically place affiliate links to the products or services you're promoting. These links will be unique to you and will track any sales or leads generated through them.


Drive traffic: Implement strategies to drive traffic to your platform. This can include search engine optimization (SEO) techniques, social media marketing, paid advertising, guest blogging, or email marketing. The more targeted traffic you attract, the higher the chances of conversions.


Build trust and credibility: Focus on building trust and credibility with your audience. Provide honest and unbiased reviews, offer valuable information, and be transparent about your affiliate partnerships. This will help establish a loyal following and increase the likelihood of conversions.


Track and optimize: Monitor your affiliate marketing performance using analytics and tracking tools provided by the affiliate programs or third-party platforms. Analyze your results and make adjustments to your strategies as needed to optimize your earnings.


Stay up to date: Stay informed about industry trends, new products, and changes in the affiliate marketing landscape. Continuously educate yourself to improve your skills and adapt to the evolving market.


Remember, success in affiliate marketing takes time and effort. It's important to stay consistent, provide value to your audience, and choose affiliate products that align with their needs and interests.





शेयर मार्केट में काम कैसे करें

 

शेयर मार्केट में काम

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शेयर मार्केट में काम कैसे करना है


  1. शेयर मार्केट की जानकारी प्राप्त करें: शेयर मार्केट के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त करें। इसका मतलब है कि आपको शेयर मार्केट की नीतियों, नियमों, और विभिन्न आयामों को समझना होगा। आपको शेयर बाजार के ट्रेंड, वित्तीय रिपोर्टें, आर्थिक समाचार और कंपनी के नतीजों को ट्रैक करना चाहिए।


  2. निवेश लक्ष्य तय करें: आपको निवेश के लिए एक निश्चित लक्ष्य या योजना तय करनी चाहिए। आपको स्वयं के वित्तीय लक्ष्य, निवेश के समय अवधि, निवेश के लिए धन की उपलब्धता, और उच्च और निम्न सीमाओं के साथ संतुलित निवेश रणनीति को स्पष्ट करना होगा।

  3. एक निवेश खाता खोलें: एक निवेश खाता खोलने के लिए एक निकटस्थ निवेशक संबंधी (डीमैट) खाता खोलें। आप अपनी पसंद के एक निवेशक संबंधी कंपनी के साथ संपर्क करके या ऑनलाइन माध्यम से खाता खोल सकते हैं।


शनिवार, 18 सितंबर 2021

कल फिल्म अभिनेता सोनू सूद के घर में आयकर विभाग ने छापा मारा

 मतलब जनता की सेवा कोई नहीं करें 



कल फिल्म अभिनेता सोनू सूद के घर में आयकर विभाग ने छापा मारा


, आयकर विभाग ने सवाल किया कि आपने जो लोक डॉन के समय में कितने मजदूरों की मदद किया है, अभी भी सभी लोगों के बीच जाकर उनकी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। आपके पास इतना रुपए कहां से आ गया ? 


मतलब हमारे देश में गरीबों की सेवा करना भी अब गुनाह है , सरकार चाहती है कि कोई भी गरीबों को मदद ना करें क्योंकि अगर वह गरीबों का मसीहा बन जाएगा तो वह कभी चुनाव भी लड़ सकता है। इसलिए वह प्रत्येक हस्ती को मिटाना चाहती है जो जनता की सेवा निस्वार्थ भावना से करते हैं। 

लोक डाउन के समय जो पूरा विश्व घाटे में चल रहा था , तो अंबानी का व्यापार 22% मुनाफा कैसे हासिल कर ली, क्या प्रधानमंत्री इसकी जांच करवा सकते हैं। लेकिन जो हमेशा जनता की सेवा किए हैं , और आगे भी हर एक प्रकार की मदद कर रहे हैं । Aise

महान व्यक्ति पर इनकम टैक्स का छापा मारकर उसे डरा रहे हैं।

सोनू सूद से इतना नफरत क्यों ??

 सोनू सूद से इतना नफरत क्यों ??


 


लोक डाउन के समय जब अक्षय कुमार ने 20 करोड़ का चंदा दिए थे। तब प्रधानमंत्री लाइव आकर उनको धन्यवाद बोले थे। 

लेकिन सोनू सूद ने 10  लाख से भी ज्यादा मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया वह भी अपने खर्चे पर , उन मजदूरों को रोजगार भी उपलब्ध करवाया अभी भी हर जरूरतमंद की प्रत्येक समस्या का समाधान कर रही है। 

भारत सरकार को तो इस का शुक्रिया अदा करनी चाहिए  क्योंकि जो काम सरकार को करना चाहिए वह सोनू शुद्ध कर रहा है। 


लेकिन भारत सरकार इनकी शुक्रिया अदा करने के बजाय इन पर इनकम टैक्स का छापा लगवा रहे हैं। यह दर्शाती है कि सरकार वह प्रत्येक इंसान को खत्म करना चाहती है जो इंसान जनता की सेवा कर रहा है।

विरोधी पार्टी वाले सब कहते हैं कि मोदी जी ने क्या किया ,

 विरोधी पार्टी वाले सब कहते हैं कि मोदी जी ने क्या किया , आज ये अवश्य पढ़े, पूरा अवश्य पढ़ें , सत्य को सत्य ही कहूँगा असत्य नहीं,,,एक भी लिखित टिपणी झूठी हो तो आप मुझे प्रत्युत्तर दे सकते हैं,,, 


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*पहली उपलब्धि*,,,200 साल तक हमारे देश को गुलाम बनाने वाले ब्रिटेन में 53 देशों की मीटिंग में मोदीजी महा अध्यक्ष बने,,,इसी बात से हर एक भातीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाना चाहिए,,,


*दूसरी उपलब्धि*,,,,,UN मानवाधिकार परिषद में भारत की बड़ी जीत हुई है,,,सबसे ज्यादा वोटों के साथ बना सदस्य,, 97 वोटों की आवश्यकता थी मिले 188 वोट,,,, अब भी भारत की जनता पूछेगी की मोदी विदेश क्यूँ जाते हैं,,,,


*तीसरी उपलब्धि*,,,,दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की हुई लिस्ट जारी,,, भारत आया नम्बर चार पर हमसे आगे अमेरिका, रूस और चीन है,,,ये है मोदी युग,,,


*चौथी उपलब्धि*,,,,1 लाख करोड़ के पार पहुँचा GST का मासिक टैक्स कलेक्शन,,,,, ये है एक चाय वाले का अर्थशास्त्र,,,


*पाँचवी उपलब्धि*,,,,नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर,,,,


*छठी उपलब्धि*,,,,,2017-18 में दोगुना हुआ सौर ऊर्जा का उत्पादन,,,,

चीन और अमेरिका भी दंग है,,, 


*सातवीं उपलब्धि*,,,,

भारत की आसमान छू रही GDP को देखकर,,,

भारत की GDP 8.2%, चीन की 6.7% और अमेरिका की 4.2%। अब भी कहेंगे भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,


*आठवीं उपलब्धि*,,,, जल थल ओर आकाश तीनों क्षेत्रों से सुपरसोनिक मिसाइल दागने वाला दुनियाँ का पहला देश बना भारत,,, ये है मोदी युग,,,अगर आपको गर्व हुआ हो तो जयहिन्द लिखना न भूलें,,,,


*नवीं उपलब्धि*,,,,,70 सालों में पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान कंगाल हो गया,,, दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया भारतीय नकली नोटों का व्यापार था,,,, जिसे मोदी जी ने खत्म कर दिया,,,


*दसवीं उपलब्धि* को भी पढ़ें,,,,,, एक बात समझ में नहीं आयी,,,

2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ.के. एंटोनी ने कहा था देश कंगाल है हम राफेल तो क्या छोटा जेट भी नहीं ले सकते,,,,पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया,,

राफेल डील भी करली,, S-400 भी ले रहे हैं!

आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था,,,?


*ग्याहरवीं उपलब्धि*,,,, सेना को मिला बुलेटप्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच,,,

जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2500 बुलेटप्रूफ स्कार्पियो,,,


*बाहरवीं उपलब्धि*,,,,, अब आपको बताता हूँ भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ,,,

अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल नम्बर 6 बना,,,


*तेहरवीं उपलब्धि*,,,,, ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना,,,


*चौदहवीं उपलब्धि*,,,,,,, बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना,,,


*पन्द्रहवीं उपलब्धि*,,,,, टेक्सटाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*सोलहवीं उपलब्धि*,,,,, मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*सतरहवीं उपलब्धि*,,,,, स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना,,,


*अठारहवीं उपलब्धि*,,,,, चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना,,,

19. Dhara 370 , 35 a khatam.

इसको कहते हैं मोदी युग

मोदी सरकार में घाटी से हो रहा है आतंकियों का सफाया,,,

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया,,,


कांग्रेस राज में आतंकी दहशत फैलाते थे

मोदी राज में सेना आतंकियों के लिए दहशत बनी हुई है,,,

ये है मोदी राज का फार्मूला,,,,


मोदी जी की बढ़ती हुई ख्याति से सारा विपक्ष बौखला गया है कि अब उनके भ्रष्टाचारी हथकंडे कामयाब नहीं हो सकते तब एक अभिमन्यु का वध करने के लिए सारे भ्रष्टाचारिता के महारथी एक होकर चक्रव्यूह की रचना कर रहे हैं 2024 में मोदी को हराने के लिए,,,लेकिन उन भ्रष्टाचारी महारथियों को यह नहीं मालूम कि द्वापर के अभिमन्यु की चक्रव्यूह भेदन की शिक्षा माँ के गर्भ में ली गयी थी और वो भी केवल घुसने की बाहर निकलने की नहीं, लेकिन इस मोदी रूपी अभिमन्यु ने चक्रव्यूह के भेदन व उसे चकनाचूर करने की शिक्षा माँ के गर्भ से बाहर आकर इस माँ भारती से ली है जो अजेय है पराजेय नहीं है,,,,


आइए आज हम सब मिलकर एक संकल्प ले कि इस माँ भारती के पुजारी को 2024 में इतने भारी बहुमत से विजयी बनावें की वह आंकड़ा गिनीज बुक में दर्ज होकर रह जावे जिस आंकड़े को कोई छू भी न सके,,,,,


नमो नमो का उदघोष करते हुए 2024 में मोदी जी को वापस भारत का शहंशाह बनाएं।


धन्यवाद।

शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान

 अमेरिका के दोहरी नीति का शिकार अफगानिस्तान 



इतिहास के पन्नों को आप जितनी बार पलट के देखेंगे हर बार आप को अमेरिका के दोहरी नीति के कई एग्जांपल देखने को मिल जाएंगे । एक और अमेरिका ने 2002 ईस्वी में एक बिल पारित कर अफ़ग़ानिस्तान सरकार को यह  भरोसा दिलाया था  आप की सर जमीन पर अमेरिका कभी भी तालिबान को पुनः आने नहीं देंगे 

इसके ठीक 19 वर्ष बाद अमेरिका अपने वादे से मुकर गया है, जिसका नुकसान लोगों को हो रही है। अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के बाद ही तालिबान वहां पर लोगों के साथ काफी जुल्म बरत रहे हैं , वहां के स्थानीय और विदेशी सभी लोग भयभीत होकर अफगानिस्तान छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। अमेरिका के सैनिक वापसी के फैसले ने हंसते खेलते अफगानिस्तान को युद्ध का मैदान बना कर छोड़ दिया है । वहां के राष्ट्रपति भी अपनी जान बचाकर भाग गए हैं। यह सुनकर बड़ा  Ajeeb लगता है कि   जिस राष्ट्रपति को लोगों ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए चुना था वहीं राष्ट्रपति युद्ध के मैदान में लोगों को छोड़कर गायब हो गए हैं। ऐसे में वैश्विक एकजुट होकर अफगानिस्तान में तालिबान की समस्या का समाधान ढूंढ नी चाहिए जिससे वैश्विक शांति स्थापित हो सके। 


## सूरज कुमार गुप्ता # युवा लेखक#

पटना एयरपोर्ट भी अब निजी हाथों में जायेगा, पैसेंजर ट्रेन के अलावे 7 सड़कें भी प्राइवेट सेक्टर को*

 *पटना एयरपोर्ट भी अब निजी हाथों में जायेगा, पैसेंजर ट्रेन के अलावे 7 सड़कें भी प्राइवेट सेक्टर को*



प्राइवेटाइजेशन के लिए कदम बढ़ा रही मोदी सरकार ने बिहार को लेकर अब बड़ा फैसला किया है। बिहार में कई सड़कों को अब निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली गई है। बड़ी खबर यह है कि पटना एयरपोर्ट का संचालन भी अब निजी हाथों में होगा। इसके अलावा पटना से प्राइवेट पैसेंजर ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने कुल 13 तरह की सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचने या फिर उसे लीज पर देने का फैसला किया है।


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की लॉन्चिंग के साथ इसकी घोषणा की है। सरकार ने तय किया है कि सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचकर या संपत्ति को लीज पर देकर कुल छह लाख करोड़ जुटाए जाएं। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इसका पूरा खाका पेश किया है। इस योजना को 2025 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। पटना एयरपोर्ट को साल 2023 में निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। वहीं पटना जंक्शन से प्राइवेट ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। बिहार के 7 सड़कों का संचालन भी निजी हाथों में देने की तैयारी है। बिहार की जिन 7 सड़कों को निजी हाथों में दिया जाएगा उनमें हाजीपुर-मुजफ्फरपुर, पूर्णिया-दालकोला, कोटवा-मेहसी-मुजफ्फरपुर, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा, बाराचट्टी-गोरहर और मोकामा-मुंगेर की सड़क के शामिल है। 


केंद्र सरकार पटना एयरपोर्ट को जब लीज पर देगी तो उसे 1000 करोड़ की राशि मिलेगी। केंद्र सरकार ने देश के कुल 25 एयरपोर्ट को निजी हाथों में देने का फैसला किया है। इनमें से 6 एयरपोर्ट इसी साल निजी हाथ में चले जाएंगे जबकि 6 एयरपोर्ट अगले वित्तीय वर्ष में। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि उसे हाईवे को निजी हाथों में सौंपने से सबसे ज्यादा पैसा मिलेगा। 27600 किलोमीटर सड़कें निजी ट्रैक्टर को दी जा रही हैं। इनमें उत्तर भारत की 29 सड़कें, दक्षिण भारत की 28, पूर्व की 22 और पश्चिम भारत की 25 सड़कें लीज पर देने का फैसला किया गया है।

Comadi