मंगलवार, 8 सितंबर 2020

मुस्लिमों के आतंक से दुखी होकर मुसलमानों पर सबसे ज्यादा दूर करने वाला देश


;मुस्लिमों के आतंक से दु:खी होकर , मुसलमानों पर सबसे ज्यादा जुल्म करने वाले देश*❗

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1. - *चीन :-* रोजा , रमजान , नमाज , दाढ़ी , बुरखा .; सब प्रतिबंधित❗

2. - *म्यांमार :-* मुस्लिम आतंकी को देखते ही मारने का आदेश , मस्जिदें लगभग सभी गिरा दी गयी❗

3. - *जापान :-* इस्लाम प्रतिबंधित , इस्लाम का प्रचार , एक क़ानूनी अपराध ! संयुक्त राष्ट्र से किसी मुस्लिम को शरण देने से साफ मना कर दिया❗

4. - *अंकोला :-* इस्लाम प्रतिबंधित❗

5. - *फ़्रांस :-* 210 मस्जिदे , एक दिन में गिराई❗

6. - *ऑस्ट्रेलिया :-* सभी मुस्लिमो को दी चेतावनी , कानून माने या देश छोड़े❗

7. - *ब्रिटेन :-* मुस्लिम से भेदभाव और नफरत❗

8. - *अमेरिका :-* एयरपोर्ट पर ही चड्डी उतरवा लेना , शाहरुख़ और आज़म खान भुक्तभोगी❗

9. - *इसराइल :-* मुस्लिम का कट्टर शत्रु , ईंट का जवाब पत्थर से❗

10. - *श्रीलंका :-* सभी मस्जिदों की तलाशी व बुरखा पर बैन❗

• *अब मुस्लिम देशो में मुस्लिम का हाल*❗

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1. - *पाकिस्तान :-* शिया सुन्नी के नाम पर हर साल दंगे , औसतन पाकिस्तान में हर साल 4,000 शिया व अहमदी क़त्ल किये जाते है❗

2. - *अफगानिस्तान :-* आये दिन बम धमाके , बेकसूर मुस्लिमो की मौत❗

3. - *इराक :-* शिया सुन्नी की लड़ाई और बम धमाके❗

4. - *ईरान :-* सुन्नियो से नफरत , सऊदी अरब से नफरत❗

5. - *लीबिया :-* आये दिन , बम धमाके❗

6.- *सीरिया :-* दंगे , बम धमाके❗

7. - *मिस्र :-* शिया सुन्नी संघर्ष❗

8. - *बांग्लादेश :-* आये दिन , बम धमाके❗


▪फिर भी भारत में मुस्लिम पर अत्याचार होता है , यहाँ ये सुरक्षित नहीं है , क्योकि *जब चाहे , ये तिरंगे को जला सकते है और भारत माता को गाली दे सकते है*❗

• *जब चाहे मौलाना बरकती जैसे लोग , प्रधानमंत्री को गाली देते हैं*❗

• *हिन्दुओ के देवी - देवताओं की अश्लिल पेंटिंग बना सकते है*❗

• *ओवैसी जैसे नेता , 15 मिनट में 100 करोड़ हिन्दुओं की गर्दन काटने की बात करते हैं*❗

• *हुर्रियत के नेता , पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते हैं*❗

• *बंगाल और असम के मुस्लिम गद्दारी करते हुए , बंगलादेशियो को शरण दे रहे हैं*❗

• *और एक पाखण्ड का दूसरा नाम आमिर खान*❗

▪ *" सत्यमेव जयते "* के इतने एपिसोड आमिर खान लेकर आया , लेकिन कभी भी उसने इस्लाम में होने वाले *" हलाला " , " गजवा हिन्द " , " ट्रिपल तलाक " , " मदरसा छाप शिक्षा " , " पत्थर-बाजी " , " जनसंख्या-विस्फोट " , " बहु विवाह " , " अशिक्षा " , " बुरका " , " खुला " , जिहाद और आतंकवाद* .; जैसी सामाजिक बुराइयों पर एपिसोड नही बनाया ! केवल हिन्दू धर्म की सामाजिक बुराई दिखाता रहा❗

*इतनी मनमानी , अनियंत्रता प्राप्त होने पर भी , ये कहते है कि इन पर भारत में जुल्म होता है* ‼️

 एक ऐसा सच जो आपको आज तक नहीं बताया गया ???? 

भारत में 3 लाख मस्जिदें हैं।

जो अन्य किसी देश में भी नहीं है 

 वाशिंगटन में 24 चर्च हैं 

लन्दन में 71 चर्च

 और इटली के मिलान शहर में 68 चर्च हैं।

 जबकि अकेले दिल्ली में 271 चर्च हैं।

लेकिन हिन्दू फिर भी सांप्रदायिक है ? 

किसी सेकुलर के पास इसका जवाब ??? 

 मैंने ISIS का विरोध करते किसी मुस्लिम को नहीं देखा है।

पर RSS का विरोध करते हुए लाखो हिन्दू देखे है।

मैंने किसी मुस्लिम को होली दीवाली की पार्टी देते नहीं देखा है पर हिन्दुओ को इफ्तार पार्टी देते देखा है।

मैंने कश्मीर में भारत के झंडे जलते देखे है। 

पर कभी पाकिस्तान का झंडा जलाते हुए मुसलमान नहीं देखा है। 

मैंने हिन्दुओ को टोपी पहने मजारो पर जाते देखा है।

पर किसी मुस्लिम को टीका लगाते मंदिर जाते नहीं देखा है।

मैंने मिडिया को विदेशो के गुण गाते देखा है। 

पर भारत के संस्कार के प्रचार करते नहीं देखा है। 

कुछ तो इसे शेयर भी नहीं करेंगे।

करबद्ध निवेदन करता हूँ की कृपया अधिक से अधिक शेयर करे।

मैनें आज तक 

राम बूट हाउस

लक्षमण लेदर स्टोर्स

माँ वैष्णो लस्सी भंडार

शंकर छाप तंबाकू, 

बजरंग पान भंडार

गणेश छाप बीडी, 

लक्ष्मी छाप पटाखे 

कृष्णा  बार  ऐंड  रेस्टारेंट 

जय माँ अम्बे होटल ( चाय नाश्ता )

इस तरह के प्रोडक्ट और दुकाने आपको हर जगह पर दिखाई देंगी

लेकिन, 

आज तक मेनें

 अल्लाह छाप गुटका, 

खुदा छाप बीडी 

ईसा मसीह  छाप तंबाकू बिकते नहीं देखा। 

मुसलमान  और  ईसाई  से 

हम तथाकथित हिन्दू 

यह सीखे की अपने धर्म का

 सम्मान कैसे किया जाता है।

अपने भगवान और उनके प्रतीक चिन्हों को

 कचरे में

और रास्तो पर ना फेंके।

अपने धर्म का सम्मान करे।

संभव हो तो ऐसी चिन्हों वाली वस्तुए कतई ख़रीदे ही नहीं।

कंपनिया अपने आप सुधार में आ जायेगी।

👏कम से कम 1 लोगों को जरूर भेजे👏 । 

कुछ अहंकारी आगे नही भेजेंगे !

कारण धर्म से  ही 

उनकी दुकान चलती है !

जनहित में जारी   ✊  🇮🇳

 वन्देमातरम............

शनिवार, 5 सितंबर 2020

उदार बचपन


 
हमारेहमारे गांव पूर्व दिशा की ओर में एक गांव है जिसका नाम मंड है बहुत समय पहले इस गांव में एक बालक अपने माता पिता के साथ रहता था वह बालक प्रतिदिन अपने स्कूल जाते समय एक चौराहे से गुजरता था उस चौराहे पर एक बुड्ढी भिखारिन 
  बैठकर आते जाते लोगों से भीख मांगती थी परंतु अधिकतर लोग उसके बाद अनसुनी कर देते थे 1 दिन उस बालक ने उस बूढ़ी भिखारिन को देखा तो उसे उस पर दया आ गई उसने उस बूढ़ी भिखारिन को अपने खाने के डिब्बे में से ₹2 निकाल कर दी उस बुढ़िया ने बालक को ढेरों आशीर्वाद दिए उस दिन के बाद तो प्रतिदिन का यही कारण बन गया बालक आकर गुड़िया को दो रोटियां देता और गुड़िया से आशीर्वाद इसी प्रकार कई दिन बीत गई एक दिन जब वह बालक उस चौराहे के पास से गुजरता तो उसे मामूली भिखारिन का ही नहीं दिखी वह चुपचाप अपने स्कूल की ओर बढ गया परंतु उस दिन उसका मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगा उसने खाने के समय अपने डिब्बे में दो रोटियां बूटी भिखारिन के लिए बचा कर रख दी स्कूल से वापसी में भी उसे पूरी या कहीं नहीं दिखाई घर जाकर उसने उस बुढ़िया के लिए बचाई गई रोटी अपनी अलमारी में छिपा दी लेकिन उसकी बेचैनी कम नहीं हुई आसान होने पर बूटी भिखारिन को खोजने दोबारा चौराहे पर गया लोगों से पूछताछ करने पर उसे पता चला कि कल रात ही भिखारी मर गई है सुनकर बालक पास होकर अपने घर लौट गया इधर घर पर वाला उसके कमरे में पहुंची तो उन्होंने देखा कि बहुत सारी चीजों की अलमारी और जा रही थी या देखकर उन्हें खुली तो पाया कि उसमें दो रोटियां रखी थी तभी बालक कमरे में आया उसे देखा क्रोधित होकर बोली तुमने अलमारी में क्यों रखी है देखो यहां चोट आ गई है तुमने अपना खाना क्यों नहीं खाया मां की बात सुनते ही बालक का करम है उसे कुछ करते हुए पूछा क्या क्या बात है क्यों रो रहे हो तुम बालक रोते-रोते बोला मुंह में प्रतिदिन अपने स्कूल के खाने में से दो रोटियां बचाकर एक बूढ़ी भिखारिन को देता था पर आज वह मुझे नहीं मिली जब मैं उसे ढूंढने गया तो लोगों ने बताया कि कल रात हुआ भिखारी मर गई बालक की बातें सुनकर मां का मन भर गया उन्होंने वालों को अपने गले लगाते हुए का बेटा तुम मनुष्य नहीं अब तार हो तुम्हारे जैसा बेटा पाकर मैं धन्य हो गई बच्चों के आया आप जानते हैं कि यह उदार हृदय वाला कोई और नहीं वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे जिन्हें में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना अहम योगदान दिया था

अब जमाना बदल गया




अब जमाना बदल गया

यदि पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है तो शेषनाग किस पर टिका है और बाकी दूसरे ग्रह् किस पर टिके हैं ???

यदि भगवान कण कण मे हैं तो थूक मल मूत्र मे क्यों नहीं ? . . . . . . . . . . . . . .

अमरनाथ मे एक गुफा है जिसके उपर सुराख से पानी टप टप टप टप गिरता रहता है जो सर्दी के मौसम मे जम कर लिंग का आकार ले लेता है तो उसे भगवान का लिंग कहा जाता है | मगर switzerland मे ऐसे हज़ारो आकार बनते हैं , Antarctica मे ऐसे लाखों आकार बनते हैं , और आपके मेरे घर के refrigerator मे ऐसे छोटे छोटे लिंग के आकार बनते हैं | आखिर ये सब किसके किसके लिंग हैं ????? और ये सारे लिंग गर्मियों मे क्यों पिघल जाते हैं????

आखिर पिछले जनम की याद केवल भारत मे ही क्यों आती है लोगो को???

ब्राह्मण भगवान के सर से पैदा हुआ , शत्रिये छाती से,वैश्य पेट से, शुद्र तलवे से तो jews muslim christian किधर से पैदा हुए ???

यदि गंगा नदी शिव जी की जटाओ से निकलती है तो यमुना नील अमेज़न तिग्रिस झेलम नदियां किसकी जटाओ से निकलती हैं ????

काल्प्निक देवी देवता लोग clean shave कैसे रहते हैं ? Gillete का इस्तेमाल करते हैं क्या ?, मगर ब्र्ह्म्मा की दाढी मूंछ कैसे ???

देवी देवता के खूबसूरत ब्लाउज़ साढी सूट परिधान का designer कौन?? फिटिंग कौनसा टेलर करता है ??

ये देवी देवता की सवारी केवल भारतिये जानवर शेर हाथी चूहा भैंस ही क्यों ,, विदेशी जानवर कंगारू ज़ेब्रा डायनासौर क्यों नही ??? (क्या डायनासौर के युग के बाद देवी देवता पैदा हो पाये ? )

ये देवी देवता के हथियार चाकू तलवार गदा त्रिशूल ही क्यों ? अब तो ज़माना बंदूक मशीन गन का है ,

क्या आपको नही लगता के ये प्राचीन पाखंडी लोगों के दिमाग की उपज थी ???? क्योंकि वो भारत मे रहकर विदेशों के जानवर , नदी , परिधान से अंजान थे ..

धर्म का आविष्कार केवल शोषण के उद्देश्य से हुआ ,

हमारे देश मे लक्ष्मी कुबेर की पुजा होती है मगर हम फिर भी गरीब , जबकि अमरीका अरब अमीर ,

हमारे देश मे इन्द्र्देव की पुजा होती है फिर भी हर साल बाड़ सूखा , भूस्खलन आपदा , जबकि यूरोप इंग्लैंड खुशहाल ,

हमारे देश मे अन्न की देवी अन्नपूर्णा की पूजा होती है मगर फिर भी लाखों किसान भुखमरी से आत्महत्या करते हैं ,ब्राज़ील रूस का किसान खुशहाल ,

विद्या की देवी सरस्वती की पुजा हमारे देश मे होती है फिर भी हम अशिक्षा से ग्रस्त , जबकि अमरीका इंग्लैंड अतिसिक्षित ,

हमारे देश मे पूजा पाठ जैसे ढोंग के लिये उत्तराखंड(केदार

नाथ) गये तो लाखों भक्तों बच्चों बूढों महिलाओं को मार डाला,

कभी भक्तों की बस खाई मे गिर जाती है कभी हादसा हो जाता है ,

क्या आपको नही लगता के आपके दुआरा धर्म वर्म का पालन सीधे तौर पे राजनेता एवं धर्म के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाता है ,?

यदि पूजा अर्चना करने से आपको मन्न की शांति मिलती है तो मुल्लाओं को मज़ार दर्गाह , ईसाई को चर्च मे भी तो मन्न की शांति मिलती है ,

क्या आपको नही लगता के ये मात्र आपके मस्तिष्क का भ्रम है???? ,

आखिर धर्म ने हमे दिया ही क्या है आज तक ????,

सुख शांति संपत्ति तो दुनिया के लाखों करोड़ो नास्तिकों के पास भी है.

कृपया इस मुद्दे पर दिमाग से चिंतन करें , दिल से नही ..... ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। 

मैं भी पढ़ूंगी

 सुमन न अपने परिवार के साथ एक गांव में रहती थी उसके परिवार में उसके माता-पिता उसकी दादी और छोटा भाई दीपू रहते थे घर के सभी लोग दीपू से बहुत प्यार करते थे और उसकी प्रत्येक इच्छा को पूरा करने में लगे रहते थे इसके विपरीत सुमन की छोटी-छोटी इच्छाओं को भी अनुष्का कर दिया जाता था दीपू 5 वर्ष का हो गया था इसलिए उनके पिता ने उसका दिखा लावा गांव की स्कूल में करवा दिया इधर सुमन भी 8 वर्ष की हो चुकी थी पर घर में किसी को उसी स्कूल भेजने की चिंता नहीं थी दीपक को प्रत्येक दिन तैयार होकर स्कूल जाते हुए देख कर सुमन का मन भी स्कूल जाने के लिए मचलने लगा एक दिन दीपू अपना-अपना भूल गया ऐसे में लेकर उसके स्कूल में अध्यापिका रही थी ब्लैक बोर्ड पर लिखा था और उसका हाल भी पूछ रही थी कक्षा में कुछ बच्चे चुप बैठे थे तो कुछ बच्चे गलत उत्तर दे रहे थे सुमन ने ब्लैक बोर्ड की ओर देखा अचानक उसके मुख से निकला अरे यह तो बहुत आसान है मुझे इसका उत्तर मालूम है अध्यापिका ने मुड़कर सुमन की ओर देखा और उसे पहचान कर उसने उस प्रश्न का उत्तर बताने के लिए कहा अध्यापिका की बात सुनकर पहले तो सुमन शक पका गई और फिर धीरे से बोलती 3 प्लस 3 प्लस 3 होते हैं नो उसका उत्तर सुनकर अध्यापिका बोली सा बस तुम तो बहुत होशियार हो कौन सी कक्षा में पढ़ती हो रिया पिता का प्रेम शंकर सुमन ने अपना सिर झुका लिया तभी दीपू खड़ा होकर बोला मैडम यही स्कूल में नहीं पढ़ती क्यों अध्यापिका ने पूछा सुमन धीरे से बोली क्योंकि दादी कहती है कि पढ़ना लिखना केवल लड़कों का काम है लड़कियों को घर में रहनी चाहिए इतना का करिश्मा से चलेगी शाम को सामान का परिवार आंगन में बैठा रहता है वहां के नमस्ते का उत्तर देने के बाद उन्होंने मन पढ़ाई में बहुत तेज है आप लोग सुमन को स्कूल क्यों नहीं भेजते मां बोली भला यह पढ़ लिख कर क्या करेगी आखिर में इसको तो विवाह करके अपने ससुराल ही जाना होगा ना इसे कौन सा हमारा नाम रोशन करना है फिर इसकी पढ़ाई के लिए फालतू पैसे खर्च करने से क्या लाभ यह सुनकर अध्यापिका बोली शिक्षा पर सब बच्चों का पूर्ण अधिकार है वैसे भी आजकल लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है कल सुमन भी पढ़ लिखकर कुछ बन जाएगी तो आपका नाम रोशन करेगी फिर आजकल तो लड़कियों की शिक्षा पर अधिक रुपए खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं है क्या आपको


शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

एक पागल बना कामयाब


एक पागल रहता था एक दिन उसने अपने मरे भाई को मारने की कोशिश के लेकिन पागल को क्या पता नहीं था कि उसी का भाई है जो उसे पागल बनाया है धीरे-धीरे समय जितने लगाओ एक दिन जब पागल अपने पिता के पास गया तो पागल को देखकर उसका पिता दूसरों भाइयों से बोलने लगा इस पागल को भगाओ यहां से फिर उसके भाई ने डंडे लेकर उस पागल को मारने के लिए उसके और भागा तभी पागल ने अपने आप वहां से चले गए कुछ दिन बाद पागल को एक आदमी मिला और वह आदमी उस पागल को अपने घर ले गया और उसे इलाज कराएं और अच्छे अच्छे खाने और रहने के लिए मकान दिया धीरे-धीरे उस दवाई होने के बाद कुछ फर्क दिखाई दे और धीरे-धीरे वह ठीक हो गया और फिर परिश्रम करने लगा कि मैं आगे कैसे करूं ऐसे करते करते उसे 1 साल बीत गई उसने एक कंपनी में जॉब लग गई फिर वह उसी कंपनी में जॉब करने लगा फिर जॉब करते करते हो उसी कंपनी का मैनेजर बन गया और एक दिन वह बड़ा आदमी बन गया फिर एक दिन वह कार से अपने गांव आया तो गांव वाले ने उसे देखा तो आश्चर्यचकित रह गए और कहने लगे बेटा तुम ठीक हो गए लेकिन उसके पिता को अभी तक यह पता नहीं था कि मेरा बेटा ठीक हो गया और वह कंपनी में मैनेजर बन गया है जब उसके पिता को पता चला कि मेरा बेटा मैनेजर बन गया उसके पिता लज्जित होकर उसके सामने आया और बोला बेटा मुझे माफ कर दो मैं तेरा इलाज नहीं करा सका इसलिए मैं तुझे घर से बाहर भगा दिया फिर बेटे ने बोला कोई बात नहीं पिताजी मैं जहां हूं वहां ठीक हूं जो मुझे रखा वही मेरे पिताजी है फिर उसके पिताजी ने बोला बेटा तुम यह सब कहीं नहीं जाओगे तो बेटा ने बोला आप मेरे पिताजी नहीं हो मेरे पिताजी जो मुझे रखा वही है जो मुझे खाना खाया भाई धीरे-धीरे जोर से रखे थे पास में

बीरबल की चतुराई

एक बार एक व्यापारी के घर में चोरी हो गई व्यापारी को संदेह हुआ कि अवश्य ही उसके घर के सेवक ने ही चोरी की है उसने अपने सभी सेवकों को बुलाकर उनसे पूछताछ की परंतु कोई भी सेवक य मानने के लिए तैयार नहीं हुआ की चोरी उसने की है आखिर परेशान होकर व्यापारी बीरबल के पास गया और उन्हें पूरी बात बताते हुए चोर को ढूंढने की प्रार्थना की बीरबल ने व्यापारी को विश्वास दिलाया कि वह चोर को ढूंढ निकालेंगे

Comadi