शुक्रवार, 3 सितंबर 2021

वैश्विक महाशक्ति ने घुटने टेक दिए

 वैश्विक महाशक्ति ने घुटने टेक दिए



वैश्विक महाशक्ति अमेरिका ने तालिबान की आगे घुटने टेक कर जितने भी अमेरिकी सैनिक काबुल में थे सब को वापस बुला लिए 

एक वैश्विक महाशक्ति द्वारा उठाया गया इस प्रकार का कदम अभी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्व के अधिकांश देश सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।  अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन की भी आलोचना की जा रही है। आलोचना होगी भी क्यों नहीं क्योंकि लोगों को उम्मीद थी कि वैश्विक महाशक्ति द्वारा अफगानिस्तान में तालिबान समस्या का समाधान किया जाएगा लेकिन वे अफगानिस्तान को संकट में छोड़कर पीठ दिखा कर भाग रहे हैं।

अब योजनाओं के मालिक हुए सरपंच

 अब योजनाओं के मालिक हुए सरपंच 




बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार पंचायती राज व्यवस्था में बदलाव का संकेत दिए हैं। नीतीश कुमार के अनुसार बिहार में अब मुखिया को कोई भी योजना नहीं दिया जाएगा बल्कि योजना का संचालन अब सरपंच करेंगे 


बिहार सरकार द्वारा जो भी ग्रामीण विकास के लिए योजनाएं चलाई जाएंगे उन सभी योजनाओं का संचालन अब मुखिया के स्थान पर सरपंच करेंगे  


सरपंच अपनी निगरानी में उन सभी योजनाओं को पूरा कर आएंगे 

नीतीश कुमार की यह ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है ।

मोतिहारी के लोगों से कब चाय पिएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 मोतिहारी के लोगों से कब चाय पिएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 




मोतिहारी में पिछले 22 वर्षों से चीनी के मील बंद पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोतिहारी को संबोधन किए थे। 


वहां बोले थे कि हमारी सरकार बनती है तो मोतिहारी का चीनी मिल तुरंत चालू कराया जाएगा । और मैं सरकार बनने के तुरंत बाद यहां आऊंगा यहां के फैक्ट्री से बना हुआ चीनी का चाय पीने 


घोषणा के हो गए हैं 7 साल मोतिहारी के लोगों का तो पता नहीं लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं। लेकिन अब तक प्रधानमंत्री को यह बात याद नहीं आई कि हमने वहां वादा किए थे कि चीनी मिल का निर्माण मात्र 1 साल में प्रारंभ की जाएगी 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सोचना चाहिए कि बिहार एक अति पिछड़ा राज्य है यहां जो जो फैक्ट्री पहले से बंद है कम से कम उसे तो प्रारंभ कर दिया जाए ताकि यहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो पाएगी और बिहार का भी विकास हो पाएगा 


विकास की बात तो छोड़िए यहां तो अपनी वादा करके भी मुकर गए हैं।

बुधवार, 1 सितंबर 2021

इतिहास हम अपने अंदाज से लिखेंगे

 इतिहास हम अपने तरीके से लिखेंगे 



भारत में इन दिनों इतिहास के साथ इतना छेड़छाड़ चल रही है। जिसका जितना भी निंदा किया जाए सब कम हैं। बड़े-बड़े शहरों और चौक चौराहे के नाम बदलने के बाद अब ऐतिहासिक घटना का भी नाम बदला जा रहा है। 

जैसे 

 काकोरी रेल कांड को काकोरी रेल स्वतंत्र संग्राम, चोरा चोरी कांड को 

चोरा चोरी स्वतंत्र संग्राम। British 

उपनिवेश को , ब्रिटिश कब्जावली 


इत्यादि कई ऐसे ऐतिहासिक नामों के साथ छेड़छाड़ किए जा रहे हैं। पूरा विश्व जिस नाम से जान रहे हैं । उस नाम को अब बदला जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल 

आखिर ऐतिहासिक घटना नाम बदलने की क्या आवश्यकता है ?  बार-बार नाम बदलने से स्वतंत्रा सेनानियों का अपमान है जिन्होंने अपनी जान हथेली पर रखकर देश को आजाद कर आए थे आज वही देश में इन स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों का नाम बदलकर उसे अपमान किया जा रहा है।


क्योंकि भारतीय नेता अब यह कहते हैं  तुम कुछ भी काम किए हो हमें उससे लेना देना नहीं है हम अपनी तरह से इतिहास को लिखेंगे 


लंबे समय से जो बच्चे पढ़ते आ रहे हैं वह सारी इतिहास गलत है आज के बाद हमारी तरह से इतिहास पढ़ाई जाएगी 


 भारतीय इतिहास के बारे में जो वैश्विक जानकारी है उसे भी हम गलत साबित कर रहे हैं क्योंकि हम अपनी तरीके से इतिहास को लिखेंगे.

सोमवार, 30 अगस्त 2021

अंतरिम सरकार की असफलता

अंतरिम सरकार में कांग्रेस और मुस्लिम लिंग दोनों दलों को साथ साथ कार्य करने का अवसर मिला परंतु कांग्रेस के हर कार्य में कोई न कोई रोड़ा अटका देती थी फल स्वरुप देश में रचनात्मक कार्य किए जाने की वजह संप्रदायिकता पर आधारित रक्तपात और लूटमार के बेहूदा कार्य हुए ऐसे परिणामों को देखकर कांग्रेस ने यह पूरी तरह निर्णय कर लिया कि लीग के साथ मिलकर कार्य करने से देश का विकास संभव नहीं है उन्हें एक आवश्यक बुराई के रूप में भारत विभाजन स्वीकार कर लिया

जीवन में अनुशासन का महत्व

 अनुशासन का अर्थ है ? व्यवस्था कर्म और आत्म नियंत्रण या एक ऐसा गुण है जो समय की बचत करता है धन और शक्ति का अभियोग रोकता है तथा आंतरिक बल पैदा करता है बिना अनुशासन के जो कार्य काफी शोर शराबे से काफी धन और साथी का करके होता है वही कार्य अनुशासन से करने पर शीघ्र तथा कम शक्ति से हो जाता अनुशासन का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है रसोई घर में काम करती हुई घरेलू महिलाओं को ले यदि उसकी रसोई घर में हर वस्तु व्यवस्थित उसका सब कार्य सरलता और सुलगता हो जाता है परंतु यदि नमक मिर्ची दाल जीरा शादी के डिब्बे व्यवस्थित नहीं रह नहीं रहे तो उसे बार-बार परेशानी उठानी पड़ती है इंदौर गैस जल रही होगी उधर से नमक नहीं मिल रहा होगा कभी नमक की जगह मीठा सोडा पर जाएगा अर्थव्यवस्था में परेशानी भी बनेगी समय भी खर्च होगा और ऊर्जा भी नष्ट होगी सिनेमा की टिकट फिर दिया बस पर चढ़ने वाले यात्रियों को ले अधिकांश पर चढ़ने वाले यात्रियों में धक्का-मुक्की होती है कभी-कभी एक खरोच भी आ जाती परंतु स्वीट फिर भी खाली रह जाती है दिवस पर चढ़ने का कार्य अनुशासन से हो जाए तो सभी बस में बैठ जाए और धमकी से उत्पन्न समस्याएं पैदा होगी

आर्थिक कारण क्या है

हड़प्पा हड़प्पा सभ्यता के पतन का सबसे प्रमुख कारण आर्थिक था कृषि उत्पादन में कमी आई तथा उद्योग धंधों में व्यापार में समय गिरावट आई सभ्यता के अंतिम चरण में राजनीतिक एवं न्याय कारणों से अंतर्देशीय एवं विदेशी पेपर समाप्त हो गया जो सिंधु अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार था आर्थिक निष्क्रिय ने भी व्यवस्था को लंबे समय तक उपयोग कोई तकनीकी परिवर्तन नहीं किया गया और वे अपनी उपयोगिता खो बैठे इस कार्य में सभी धर्मों का स्थान उत्तरकांड हड़प्पा वासियों ने ले लिया

Comadi